Google Doodle gives a honour to Writer Amrita Pritam (लेखिका अमृता प्रीतम को दिया सम्मान, मनाया 100 वां जन्मदिन)

Google Doodle
Khabare Rojana

Google ने अमृता प्रीतम के 100 वें जन्मदिन को Doodle बनाकर सम्मान से नवाजा है। Google Doodle में काला गुलाब उनकी आत्मकथा को समर्पित है। जिसमें उनके निजी जीवन को दर्शाया गया है जो महिलाओं को प्यार और शादी के साथ अपने अनुभवों को खुलकर बोलने में मदद करने के लिए प्रेरणा देता है। अमृता प्रीतम इतिहास की सबसे प्रमुख महिला लेखकों में से एक है। अमृता प्रीतम का जन्म आज से 100 साल पहले गुजरांवाला में हुआ था।

पहली कविता..
लेखक अमृता प्रीतम की पहली कविता “वह जीवन जीने की हिम्मत की जिसकी वह कल्पना करता है” को प्रकाशित किया जब वह केवल 16 वर्ष की थी। एक और कविता “अज अखाखें वारिस शाह नू” जो बहुत प्रसिद्ध हुई जो 1947 के विभाजन पर आधारित थी।

उपन्यास की फिल्म बनीं..
शताब्दी के सबसे बड़े कवि के रूप में प्रसिद्ध अमृता प्रीतम ने विभाजन के समय की कहानी, पिंजर सहित 28 उपन्यास प्रकाशित किए हैं। इनमे से एक उपन्यास को फिल्म के जरिये दर्शाया गया था।

काम..
भारत पाकिस्तान विभाजन के बाद लेखिका पाकिस्तान में रहीं। अमृता प्रीतम ने हिंदी और उर्दू में कई रचनाएँ भी लिखीं। उन्होंने अखिल भारतीय रेडियो के लिए भी काम किया और उन्होंने नागमणि पत्रिका का संपादन किया।

1986 में अमृता प्रीतम को राज्यसभा में जगह दी गयी।

पुरस्कार से सम्मानित..
अमृता प्रीतम को 1981 में भारतीय ज्ञानपीठ साहित्य पुरस्कार सहित कई पुरस्कार मिले।
उन्हें 2005 में पद्म विभूषण से नवाजा गया।
इसी साल 2005 में उन्होंने उपन्यास “The Skeleton” के लिए “La Route des Indes Literary” प्राइज से भी सम्मानित किया गया था।

अमृता
Khabare Rojana
अमृता
Khabare Rojana

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