Ganpati Visarjan

Ganpati Visarjan and Anant Chaturdashi: भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी मनाई जाती है। इस दिन सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की जाती है। भगवान विष्णु का दूसरा नाम अनंत देव है। अनंत चतुर्दशी को अनंत चौदस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पूजा के साथ 14 गांठ वाला अनंत सूत्र बांधते हैं। मान्यता है कि अनंतसूत्र के 14 गांठ 14 लोकों का प्रतीक होती हैं। इस दिन बप्पा (Lord Ganesha) का Ganpati Visarjan भी किया जाता है, ऐसे में इस दिन का महत्व बढ़ जाता है।

गणेश विसर्जन(Ganpati Visarjan) पूजा मुहूर्त..
सुबह मुहूर्त (शुभ) – प्रातः 6:08 से प्रातः 07:40 तक
सुबह मुहूर्त (चर, लाभ, अमृता) – प्रातः 10:45 से रात 03:22 तक
दोपहर मुहूर्त (शुभ) – शाम 04:54 से शाम 06:27 तक
शाम मुहूर्त (अमृता, चर) – शाम 06:27 से रात 09:22 तक
रात्रि मुहूर्त (लाभ) – 12:18 बजे से 01:45 बजे, 13 सितंबर
चतुर्दशी तिथि 12 सितंबर, 2019 को सुबह 05:06 बजे
चतुर्दशी तिथि 13 सितंबर, 2019 को प्रातः 07:35 बजे

अनंत चतुर्दशी पूजा विधि..
सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
इसके बाद मंदिर में भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप को याद करते हुए कलश की स्थापना करें।
कलश स्थापित करने के बाद इसके ऊपर अष्ट दल वाला कमल रखें और कुषा चढ़ाएं।
भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। भगवान विष्णु के सामने 14 गांठों वाला धागा रखें और उसके साथ भगवान विष्णु की पूजा आरंभ करें।
भगवान विष्णु का अभिषेक करें और रोली, चंदन से तिलक करें।
तिलक करने के बाद धूप, दीप से भगवान की आरती करें और नैवेद्य अर्पित करें।
नैवेद्य अर्पित करते समय ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का जाप करें।
पुष्प हाथ में लें और भगवान विष्णु की कथा सुनें।
इसके बाद पूजा में चढ़ाया गया रक्षासूत्र पुरुष और महिलाएं अपने-अपने बाएं हाथ में बांध लें।
रक्षा सूत्र बांधते समय भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप का ध्यान करें और अंत में ब्रह्मणों को भोजन कराएं। सामर्थ्य अनुरूप दान दें और ब्राह्मणों को विदा करें।

Ganpati Visarjan
Khabare Rojana

तुलसीदास जी ने लिखा..
भगवान विष्णु की महिमा बताते हुए गोस्वामी तुलसीदास जी ने लिखा है कि ‘हरि अनंत जेहि कथा अनंता… यानी भगवान श्री हरि अनंत हैं, उनकी कथा और महिमा भी अनंत है। उन्हीं अनंत भागवान की अनंत चतुर्दशी के दिन पूजा की जाती है।

पुराणों की कथा..
इस व्रत का जिक्र पुराणों में भी मिलता है, जब पांडव जुए में अपना सारा राजपाट हारकर वन में कष्ट भोग रहे थे तब भगवान श्रीकृष्ण ने अनंत चतुर्दशी व्रत करने की सलाह दी थी। पांडव विधि-विधान से व्रत कर अनंत सूत्र धारण किए थे। अनंत चतुर्दशी व्रत के प्रभाव से पांडव सब कष्टों से मुक्त हो गए।

मान्यता..
माना जाता है की इस दिन जो भी व्यक्ति भगवान विष्णु की पूजा करता है और जो भी स्त्रियां और पुरुष बाएं हांथ में अनंत सूत्र पहनता है। भगवान विष्णु उसके सारे कष्ट दूर करते हैं और सभी परेशानियां दूर करते हैं. वहीं चतुर्थी से शुरू होने वाला गणेश उत्सव भी आज के दिन समाप्त हो जाता है। कई लोग इस दिन घर में भगवान सत्यनारायण की कथा भी कराते हैं।