तेज रफ्तार ने ली दो जानें

KhabareRojana

जयपुर: बिड़ला मंदिर के सामने जेएलएन मार्ग के चौराहे पर इंतजार में खड़े वाहनों को टक्कर मार दी। ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रहे दो मोटरसाइकल सवारों सहित जेब्रा कॉसिंग से सड़क पार कर रहे लोगों और चौराहे पर सामान बेचने वाले कार की टक्कर से सड़क पर गिरे। हादसे में बाइक सवार दो भाइ पुनीत (30) और विवेक (28) की मौत हो गई है और एक महिला के दोनों पैर टूट गए। चार अन्य लोग भी गंभीर रूप से अस्पताल में हैं। टोंक जिले के निवासी मीठा लाल (22) ने बताया कि जब वह सड़क पार कर रहा था तब एक वाहन से टकराया। और “मैं हवा में कई फुट ऊँचा उछाला गया। दुर्घटना के बाद जब मैं होश में आया तब मैंने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलीं और मेरे चारों ओर एक बड़ी हलचल देखी, लेकिन मुझे ऐसा लगा जैसे मैं बहरा हो गया हूँ, ”उन्होंने कहा। मीठा लाल को प्रारंभिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

शाम 4.30 बजे का वक्त था,चौराहे पर कुछ लोग सामान बेच रहे थे और कुछ वाहन ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रहे थे। तभी एक गाड़ी तेज रफ्तार से आती हुई धमाके की आवाज के साथ खड़े वाहनों से टकराती है जिससे सड़क पर कुछ देर के लिए भगदड़ और हाय-पुकार मच गई। क्षतिग्रस्त वाहनों के टूटे हुए हिस्से, कटे हुए हेलमेट और कपड़े के फटे हुए टुकड़े, कुछ खून से लथपथ जेडीए सर्कल क्षेत्र में बिखरे हुए थे। दो पीड़ितों के खून से लथपथ सैंडल और जूते दुर्घटना की भयावहता का संकेत देते हैं। कुछ लोग घायलों को संभाल रहे थे तो कुछ लोग इंसानियत को भूल कर फोटो-वीडियो शूट कर रहे थे। और इस बीच ट्रैफिक भी चलता रहा। चौराहे पर पीड़ितों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। इसी बीच एंबुलेंस आ गई और घायलों को हॉस्पिटल में पहुंचाया। और दो युवक की मोके पर मौत हो चुकी थी।
बताया जारा है की कार सवाई माधोपुर का वीरेन्द्र जैन चला रहा था। जयपुर में मां का इलाज कराने आया था। चालक पुलिस हिरासत में है।

एक बड़ा हादसा ओर टला

चौराहे पर एक बाइक सवार ग्रीन सिग्नल का इंतजार कर रहा था। उसने बाइक पर चार गैस सिलेंडर लटका रखे थे। टक्कर से सिलेंडर उछलकर चौराहे पर गिरे। लेकिन सिलेंडर नहीं फटा। ऐसे में बड़ा हादसा होने से टल गया।

ASI ने मृतको के पिता को गले लगाकर सांत्वना दिया

ASI गजानंद ने घटना के बाद मृतको के पिता राजकुमार पराशर को फोन कर घटना के बारे में बताया। राजकुमार हॉस्पिटल आए तो ASI ने राजकुमार को गले लगाकर सांत्वना दिया। राजकुमार ने फोटो देखकर बेटों की पहचान की। उनकी रुलाई फूट पड़ी। बोले- सब बर्बाद हो गया। अब परिवार में कुछ नहीं बचा। दोनों बेटे परिवार के लाड़ले थे। मां अनिता गृहणी हैं। अभी तक राजकुमार के अलावा परिवार में किसी को पता नहीं है कि हादसे में दोनों बेटो की मौत हो गई है। मां को परिचितों ने हादसे में चोटें लगने की बात कहकर दिलासा दिया है। मृतक के पिता राजकुमार पराशर ने कहा, “मेरे दोनों बेटे हेलमेट पहने हुए थे और हमेशा ठीक से चलते थे। उन्हें किसी और की लापरवाही की कीमत चुकानी पड़ी। ”

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