छोटी उम्र में किया भारत का नाम रोशन

जयपुरनौगांव जिले के कांदुलिमारी गांव की रहने वाली हिमा दास ने फिनलैंड में आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। हिमा दास एक किसान परिवार में जन्मी हुई है जो अब भारत वासियों की आंख का तारा बन गई। वह महिला और पुरुष दोनों वर्गों की स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

हिमा दास ने चेक गणराज्य में 400 मीटर की स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता हैं। उन्होंने 13 जुलाई को क्लादनो एथलेटिक्स प्रतियोगिता और अगले दिन इसी देश में ताबोर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीते थे।

हिमा दास ने असम के एक छोटे से गांव में पना करियर फुटबालर से शुरू किया, उसके बाद अपनी मेहनत से बनी पहली भारतीय महिला विश्व चैंपियन बनने के अपने सफर को बयां किया।

पिता रंजीत दास के पास दो बीघा जमीन है और उनकी मां घरेलू महिला हैं। जमीन का यह छोटा सा टुकडा परिवार की आजीविका का साधन है। हिमा चार भाई बहन है, उसकी दो छोटी बहनें और एक भाई है। उनमे से वो सबसे बड़ी है। एक छोटी बहन 10वीं कक्षा में पढ़ती है जबकि दो भाई और बहन तीसरी कक्षा में हैं। हिमा अपने गांव से एक किलोमीटर दूर स्थित ढींग के एक विद्यालय में पढ़ने आती है। उनको गांव वाले ढिंग एक्सप्रेस नाम से बुलाते है।

  • हिमा के पिता रंजीत ने कहा कि मुझे उम्मीद थी कि वह देश के लिए कुछ विशेष करेगी। वह बचपन से बहुत जिद्दी है। अगर वह कुछ ठान लेती है तो फिर किसी की नहीं सुनती लेकिन वह पूरे धैर्य के साथ यह काम करेगी। और अपने देश का नाम रोशन करेगी।

  • हिमा के चचेरे भाई ने कहा, वह काफी मजबूत है। मैंने उसे लड़कों के साथ फुटबाल खेलने मना कर दिया, लेकिन उसने एक नहीं सुनी। वह हमारी तरह किक मारती है। फ़िलहाल उसके माता पिता और गाँव सभी जश्न में डूबे हुए हैं।

  • गाँव वालो ने कहा, हम बहुत खुश हैं, वह अच्छा कर रही है। हमारा सपना है कि
    हिमा एशियाई खेलों और ओलंपिक खेलों में पदक जीते।

  • हिमा ने फिनलैंड के टेम्पेरे से कहा, मैं सकारात्मक सोच रखती हूं ,मैं अपने परिवार की स्थिति को जानती हूं और हम कैसे संघर्ष करते हैं।और मैं जिंदगी में आगे बढ़ना चाहती हूं,अपने माता पिता और देश का नाम रोशन करना चाहती हूं।’
    हिमा ने अपने प्रदर्शन के बारे में कहा, मेरे लिए ये एक सपना सा था। मैं पदक के बारे में नहीं सोचा, मैं केवल तेज दौड़ने के बारे में सोच रही थी। यही वजह है की मैं पदक जीतने में सफल रही।

    देशभर से बधाइयां..

    सचिन तेंदुलकर ने भी ट्विटर के जरिए हिमा दास को बधाई दी है। तेंदुलकर के अलावा मोहम्मद कैफ, गौतम गंभीर, ऋषभ पंत और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज क्रिकेटरों ने भी हिमा दास को बधाई दी है।

    Loving the way you have been running in the European circuit over the last 19 days.
    Your hunger to win and perseverance is an inspiration for the youth.
    Congrats on your 5 🥇 Medals!
    All the best for the future races, @HimaDas8.

    — Sachin Tendulkar (@sachin_rt) July 21, 2019

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